How to File ITR-1 Online for AY 2026-27: Step-by-Step Guide
Online Income Tax Return (ITR-1) Filing for Assessment Year 2026-27
Income Tax Return (ITR) file करना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया लाइव हो चुकी है। इस व्यापक गाइड में, Softcom Computer Institute, Kota की एक्सपर्ट Softcom Computer Team आपको ऑनलाइन ITR-1 (सहज) भरने की पूरी प्रक्रिया को सरल भाषा (Hinglish - Hindi + English Medium) में विस्तार से समझाएगी। यदि आप एक salaried employee, pensioner, या single house property से आय प्राप्त करने वाले व्यक्ति हैं, तो यह लेख आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
महत्वपूर्ण पूर्व-आवश्यकताएं (Crucial Prerequisites & Documents)
ITR Filing की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आपके पास सभी आवश्यक वित्तीय दस्तावेज (Financial Documents) तैयार होने चाहिए। आधी-अधूरी जानकारी से रिटर्न दाखिल करने पर Income Tax Department से नोटिस आने का खतरा रहता है। Softcom Computer Team के अनुसार निम्नलिखित दस्तावेज अपने पास अवश्य रखें:
1. अनिवार्य दस्तावेज (Mandatory Documents)
Form 16: यह आपके एम्प्लॉयर (Employer) द्वारा जारी किया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण सर्टिफिकेट है। इसमें आपके कुल वेतन (Gross Salary), टैक्स कटौती (TDS), और न्यू या ओल्ड टैक्स रिजीम के अनुसार दिए गए अलाउंस का विस्तृत विवरण होता है।
AIS (Annual Information Statement) & TIS (Taxpayer Information Summary): इनकम टैक्स पोर्टल से इसे डाउनलोड करना न भूलें। इसमें आपके पूरे वित्तीय वर्ष के दौरान किए गए बड़े लेनदेन जैसे शेयर ट्रेडिंग, म्यूचुअल फंड निवेश, बचत खाते का ब्याज और एफडी (FD) की जानकारी होती है।
Form 26AS: यह आपका टैक्स क्रेडिट understatement है। यह सुनिश्चित करता है कि आपका जो टीडीएस (TDS) काटा गया है, वह सरकार के पास जमा हो चुका है या नहीं।
Bank Statements: 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक के अपने सभी एक्टिव बैंक खातों के स्टेटमेंट्स डाउनलोड कर लें ताकि ब्याज की सही गणना की जा सके।
2. कर अधिनियम की स्पष्टता (Tax Act Applicability)
यह स्पष्ट रूप से समझ लें कि असेसमेंट ईयर (AY) 2026-27 के लिए जो आईटीआर फाइल की जा रही है, उसके लिए ओल्ड टैक्स एक्ट (Old Act) के नियम और सेक्शन्स ही लागू होंगे। नए घोषित संशोधनों का इस असेसमेंट ईयर के रिटर्न से कोई लेना-देना नहीं है।
3. ITR-1 (सहज) के लिए पात्रता (Eligibility Criteria)
ITR-1 केवल उन व्यक्तियों (Individuals) के लिए है जो भारत के निवासी (Resident) हैं और जिनकी कुल वार्षिक आय ₹50 लाख तक है। आपकी आय के स्रोत निम्नलिखित होने चाहिए:
- वेतन (Salary) या पेंशन (Pension)।
- एक या दो हाउस प्रॉपर्टी (House Property) से होने वाली आय।
- शेयर मार्केट या इक्विटी म्यूचुअल फंड से मिलने वाला लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) यदि वह ₹1,25,000 तक है (क्योंकि इस सीमा तक यह टैक्स-फ्री है)।
- अन्य स्रोत जैसे बैंक ब्याज, फैमिली पेंशन, या डिविडेंड।
- ₹5,000 तक की कृषि आय (Agricultural Income)।
किन्हें ITR-1 नहीं भरना चाहिए? यदि आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं, आपके पास अनलिस्टेड शेयर्स हैं, आपकी आय ₹50 लाख से अधिक है, या आप एनआरआई (NRI) हैं, तो आप इस फॉर्म का उपयोग नहीं कर सकते।
चरण 1: इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉगिन और इनिशियलाइजेशन (Login & Initialization)
सबसे पहले आपको अपने कंप्यूटर स्क्रीन पर इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट को ओपन करना होगा। आगे की सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन यूटिलिटी के माध्यम से पूरी की जाएंगी।
[Income Tax Portal] [Income Tax Return] [File Income Tax Return]
1. Portal Access: अपने वेब ब्राउज़र में `incometax.gov.in` ओपन करें। अपने पैन नंबर (PAN) और पासवर्ड का उपयोग करके अकाउंट लॉगिन करें।
2. Navigation: होम पेज पर उपलब्ध मुख्य मेनू में से e-File पर जाएं, फिर Income Tax Return को चुनें और File Income Tax Return विकल्प पर क्लिक करें।
3. Select Assessment Year: अगले पेज पर आपसे असेसमेंट ईयर पूछा जाएगा। ड्रापडाउन सूची में से '2026-27' को सिलेक्ट करें।
4. Filing Mode: मोड ऑफ फाइलिंग में 'Online' का चयन करें और Continue पर क्लिक करें।
5. Start Filing: यदि आपने पहले कोई ड्राफ्ट नहीं बनाया है, तो Start New Filing के बटन पर क्लिक करें।
6. Status Choice: यहाँ आपको तीन विकल्प मिलेंगे (Individual, HUF, Others)। आपको 'Individual' सिलेक्ट करके Proceed करना है।
7. Form Selection: इसके बाद उपलब्ध फॉर्म्स की सूची में से 'ITR-1' चुनें और Proceed with ITR-1 पर क्लिक करें।
8. Default Regime Intimation: स्क्रीन पर एक पॉप-अप मैसेज आएगा जो आपको सूचित करेगा कि New Tax Regime अब आपका असाइन किया हुआ डिफॉल्ट टैक्स रिजीम है। इस पर OK दबाएं और फिर Let’s Get Started पर क्लिक करें।
चरण 2: आईटीआर दाखिल करने का कारण चुनना (Selecting the Reason for Filing)
इनकम टैक्स विभाग यह जानना चाहता है कि आप कानूनन किस दायरे के तहत अपनी रिटर्न दाखिल कर रहे हैं। आपके सामने तीन मुख्य श्रेणियां प्रदर्शित होंगी:
विकल्प 1 (Taxable income is more than basic exemption limit): यदि आपकी कुल आय बुनियादी टैक्स छूट की सीमा से अधिक है, तो इस चेकबॉक्स को टिक करें। ध्यान रहे कि न्यू टैक्स रिजीम के अंतर्गत बुनियादी छूट की सीमा ₹4 लाख तय की गई है। यदि आपकी ग्रॉस इनकम ₹4 लाख से ऊपर है, तो यह विकल्प चुनें।
विकल्प 2 (Specific Seventh Proviso Conditions): यदि आपकी आय छूट की सीमा से कम है, लेकिन आप निम्नलिखित में से किसी भी शर्त को पूरा करते हैं, तो इसे चुनें:
- करंट अकाउंट (Current Account) में ₹1 करोड़ से अधिक जमा किए हों।
- विदेश यात्रा (Foreign Travel) पर ₹2 लाख से अधिक खर्च किए हों।
- बिजली के बिल (Electricity Bill) के रूप में ₹1 लाख से अधिक का भुगतान किया हो।
- आपका टीडीएस/टीसीएस (TDS/TCS) ₹25,000 या उससे अधिक कटा हो।
विकल्प 3 (Others): यदि आप केवल लोन आवेदन, वीजा प्रक्रिया या अपनी वित्तीय साख (Financial Record) बनाए रखने के लिए शून्य (Nil) की रिटर्न भर रहे हैं, तो 'Others' चुन सकते हैं।
सही कारण चुनने के बाद नीचे दिए गए Continue बटन पर क्लिक करें।
चरण 3: विभिन्न शेड्यूल का सत्यापन और डेटा प्रविष्टि (Verifying & Filling the Schedules)
इस चरण में आपको विभिन्न टैब्स (Tabs) दिखाई देंगे। प्रत्येक टैब में आपका बहुत सा डेटा प्री-फिल्ड (Pre-filled) होगा जो आपके AIS और Form 26AS से लिया गया है। Softcom Computer Team आपको सलाह देती है कि प्री-फिल्ड डेटा पर आंख मूंदकर भरोसा न करें; अपने दस्तावेजों से इसका मिलान अवश्य करें।
1. Personal Information (व्यक्तिगत जानकारी) -
इस टैब के अंदर आपकी पर्सनल डिटेल्स जैसे नाम, पैन, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और पता दिखाई देगा।
- Nature of Employment: salaried व्यक्तियों को अपनी कैटेगरी (Central Govt, State Govt, PSU, or Others) चुननी होगी। यदि आपको केवल फैमिली पेंशन मिलती है या सिर्फ ब्याज की आय है, तो यहाँ 'Not Applicable' सिलेक्ट करें।
- Filing Section: यदि आप अंतिम तिथि (31 जुलाई) से पहले रिटर्न भर रहे हैं, तो यह ऑटोमैटिक `Section 139(1)` (Return filed on or before due date) के तहत सिलेक्टेड रहेगा।
- Regime Selection Opt-out: चूंकि न्यू टैक्स रिजीम डिफॉल्ट है, इसलिए यहाँ 'No' सिलेक्ट रहेगा। यदि आप ओल्ड टैक्स रिजीम का लाभ उठाना चाहते हैं और डिडक्शंस क्लेम करना चाहते हैं, तो आपको इसे बदलना होगा। आप अपनी सहूलियत के लिए पोर्टल पर उपलब्ध टैक्स कैलकुलेटर का उपयोग करके दोनों रिजीम के टैक्स की तुलना कर सकते हैं।
- Bank Account Details: यहाँ आपके नाम पर दर्ज सभी बैंक खाते दिखाई देने चाहिए। जिस खाते में आपको टैक्स रिफंड चाहिए, उसके सामने 'Selected for Refund' को ऑन रखें। सुनिश्चित करें कि उसका स्टेटस Validated हो। विवरण जांचने के बाद Confirm बटन दबाएं।
2. Gross Total Income (सकल कुल आय) -
यह आईटीआर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है जहां आपको अपनी कमाई के हर एक पैसे का हिसाब देना होता है।
Income from Salary / Pension (वेतन या पेंशन से आय): यहाँ आपको Form 16 के अनुसार Section 17(1) के तहत ग्रॉस सैलरी या अपनी कुल वार्षिक पेंशन राशि दर्ज करनी होती है। इसके बाद न्यू टैक्स रिजीम में मिलने वाले विशिष्ट टैक्स-फ्री अलाउंस को जोड़ा जाता है। इनकम टैक्स सिस्टम ऑटोमैटिकली आपके कुल वेतन से ₹75,000 की Standard Deduction को घटा देगा।
Income from House Property (मकान संपत्ति से आय): यदि आपने कोई घर किराए पर दिया है तो विकल्प में 'Let Out' चुनें और प्राप्त हुआ कुल वार्षिक किराया दर्ज करें। पोर्टल स्वतः ही रखरखाव के खर्च के रूप में 30% की वैधानिक कटौती (Standard Deduction) घटा देगा। न्यू टैक्स रिजीम में लेट आउट प्रॉपर्टी के होम लोन ब्याज की कटौती मिलती है, जिसके लिए बैंक का नाम, लोन अकाउंट नंबर और चुकाए गए ब्याज की सटीक राशि देना अनिवार्य है।
Income from Other Sources (अन्य स्रोतों से आय): इस सेक्शन में आपको अपने सभी बचत खातों (Saving Bank) और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से प्राप्त कुल ब्याज की राशि जोड़नी होगी। इसके अलावा यदि कंपनियों से कोई डिविडेंड (Dividend) मिला है या एम्प्लॉयर से अलग फैमिली पेंशन मिली है, तो उसे यहाँ दर्ज करें।
Exempt Income (कर-मुक्त आय): भविष्य में किसी भी प्रकार के स्क्रूटनी नोटिस से बचने के लिए अपनी टैक्स-फ्री आय जैसे LIC मैच्योरिटी फंड, पीएफ (PF) से निकाला गया पैसा, या सुकन्या समृद्धि योजना के फंड को सब-कैटेगरी के तहत यहाँ अवश्य रिपोर्ट करें।
Capital Gains (पूंजीगत लाभ): यदि आपने वित्तीय वर्ष में लिस्टेड इक्विटी शेयर्स या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचे हैं और आपको ₹1.25 लाख तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन हुआ है, तो खरीद मूल्य और बिक्री मूल्य दर्ज करके उसे इसी टैब में प्रदर्शित करें।
सभी विवरणों को क्रॉस-वेरीफाई करने के बाद Save करें और फिर पूरे टैब को Confirm करें।
3. Total Deductions (कुल कटौतियाँ) -
यदि आपने न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) का चयन किया है, तो आपके पास डिडक्शंस क्लेम करने के बहुत कम विकल्प बचते हैं:
पारंपरिक निवेश जैसे 80C (PPF, LIC, ELSS), 80D (Mediclaim) की छूट न्यू टैक्स रिजीम में नहीं मिलती है।
आप केवल एम्प्लॉयर द्वारा आपके NPS खाते में किए गए योगदान की कटौती Section 80CCD(2) के तहत क्लेम कर सकते हैं।
अग्निपथ योजना में किए गए योगदान की छूट भी यहाँ मान्य है।
यदि आपने ओल्ड रिजीम चुना होता, तो आपको 80C की ₹1.5 लाख की पूरी छूट और होम लोन के ब्याज पर ₹2 लाख तक की छूट का लाभ मिलता। विवरण दर्ज करने के बाद Confirm पर क्लिक करें।
4. Tax Paid (चुकाया गया कर) -
यह टैब दर्शाता है कि सरकार के पास आपका कितना टैक्स पहले ही पहुँच चुका है।
TDS & TCS: यदि आपकी कंपनी ने या बैंक ने आपकी आय पर कोई टैक्स काटा है, तो वह टीडीएस (TDS) शेड्यूल में दिखाई देगा। इसे अपने Form 16 और 26AS से पूरी तरह मैच कर लें।
Advance Tax & Self-Assessment Tax: यदि आपने खुद से कोई टैक्स चालान के जरिए जमा किया था, तो चालान की रसीद से BSR Code, Date of Deposit, Challenge Serial Number, और Tax Amount को मैनुअली 'Add Another' पर क्लिक करके जोड़ें। सब कुछ सही पाए जाने पर Confirm पर क्लिक करें।
5. Total Tax Liability (कुल कर देयता) -
यह आपका फाइनल कंप्यूटेशन (Computation) पेज है। यहाँ सॉफ्टवेयर स्वचालित रूप से आपकी कुल कर योग्य आय पर टैक्स की गणना करता है।
Tax Relief: न्यू टैक्स रिजीम के तहत ₹12 लाख तक की शुद्ध कर योग्य आय (Net Taxable Income) वाले करदाताओं को रिलीफ मिलने के कारण अंतिम टैक्स लायबिलिटी शून्य (Zero) हो सकती है।
Interest Charges: यदि आपने एडवांस टैक्स समय पर जमा नहीं किया है या रिटर्न फाइल करने में देरी की है, तो `Section 234A, 234B, या 234C` के तहत ब्याज (Interest) ऑटोमैटिक जुड़ जाएगा।
Form 10E: यदि आपको पिछले वर्षों का कोई सैलरी एरियर (Salary Arrear) मिला है और आप उस पर Section 89 के तहत रिलीफ क्लेम कर रहे हैं, तो आईटीआर जमा करने से पहले Form 10E ऑनलाइन भरना अनिवार्य है। इसके बिना रिलीफ मान्य नहीं होगी।
चरण 4: प्रीव्यू और डेटाने वैलिडेशन (Preview & Data Validation)
एक बार जब सभी 5 शेड्यूल के सामने ग्रीन टिक (Confirmed) का मार्क आ जाए, तो समझ लें कि आपका बुनियादी डेटा फीड हो चुका है। अब आपको अपने पूरे फॉर्म की अंतिम जांच करनी होगी।
[Confirm All Schedules] -> [Click Preview and Submit] -> [Run Automated Validation]
1. Click Preview: पेज के निचले हिस्से में एक्टिव हुए Proceed या Preview and Submit Return बटन पर क्लिक करें।
2. Declaration: आपके सामने एक घोषणा पत्र (Declaration) आएगा। वहां बने चेकबॉक्स को टिक करें। अपना नाम, पिता का नाम, पैन नंबर जांचें और अपने शहर का नाम (Place) दर्ज करें।
3. Validation Process: इसके बाद Proceed to Validation पर क्लिक करें। इनकम टैक्स का सिस्टम आपके द्वारा भरे गए फॉर्म की आंतरिक त्रुटियों (Internal errors) की ऑटोमैटिक जांच करेगा।
4. Error Rectification: यदि फॉर्म में बैंक डिटेल्स अधूरी होने जैसी कोई भी तकनीकी खामी होगी, तो स्क्रीन पर एरर लिस्ट आ जाएगी। उस एरर पर क्लिक करके उसे तुरंत ठीक करें।
5. Validation Success: यदि आपका डेटा पूरी तरह शुद्ध और सुसंगत है, तो स्क्रीन पर हरे रंग में "Validation Successful" का संदेश चमक उठेगा। इसका मतलब है कि आपका फॉर्म अब सबमिट होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
चरण 5: रिटर्न का वेरिफिकेशन और फाइनल सबमिशन (Verification & Submission)
वैलिडेशन सफल होने के बाद भी आपकी रिटर्न तब तक अधूरी मानी जाएगी जब तक आप उसका वेरिफिकेशन (सत्यापन) नहीं कर देते। बिना वेरिफिकेशन के दाखिल की गई आईटीआर को इनकम टैक्स विभाग द्वारा अमान्य (Invalid) घोषित कर दिया जाता है।
1. Proceed to Verification: वैलिडेशन सक्सेसफुल स्क्रीन पर नीचे दिए गए Proceed to Verification के बटन पर क्लिक करें।
2. Verification Options: आपको वेरिफिकेशन करने के तीन तरीके दिखाई देंगे:
e-Verify Now (अनुशंसित): यह सबसे तेज़ और सुरक्षित तरीका है। इसे सिलेक्ट करते ही आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (OTP) आएगा, जिसे दर्ज करते ही आपकी रिटर्न तुरंत सत्यापित हो जाएगी। आप नेट बैंकिंग या डिजिटल सिग्नेचर (DSC) से भी ई-वेरीफाई कर सकते हैं।
e-Verify Later: यदि आपके पास उस समय ओटीपी उपलब्ध नहीं है, तो आप इस विकल्प को चुनकर रिटर्न सबमिट कर सकते हैं, लेकिन आपको अगले 30 दिनों के भीतर इसे पोर्टल पर जाकर ई-वेरीफाई करना होगा।
Verify via ITR-V: यदि आप ऑनलाइन वेरीफाई नहीं कर पा रहे हैं, तो आपको अपने रिटर्न का प्रिंटआउट (ITR-V) निकालकर, उस पर नीले पेन से हस्ताक्षर करके "सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग (CPC), इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, बेंगलुरु" के पते पर सामान्य या स्पीड पोस्ट द्वारा 30 दिनों के भीतर भेजना होगा।
3. Final Submission: e-Verify Now चुनकर आधार ओटीपी दर्ज करें और Submit पर क्लिक कर दें।
4. Acknowledgment Receipt: सबमिशन सफल होते ही आपकी स्क्रीन पर "Return Successfully Filed" का कन्फर्मेशन मैसेज आ जाएगा। यहाँ से आप अपनी Acknowledgment Receipt (ITR-V) डाउनलोड कर सकते हैं। यह रसीद आपके रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर भी तुरंत भेज दी जाएगी।
Softcom Computer Team द्वारा महत्वपूर्ण सुझाव (Expert Check-list)
Softcom Computer Institute, Kota की तकनीकी टीम डिजिटल साक्षरता और शुद्धता को बढ़ावा देने के लिए हमेशा तत्पर रहती है। टैक्स फाइलिंग के दौरान होने वाली आम गलतियों से बचने के लिए हमारे इन सुझावों को ध्यान में रखें:
जल्दबाजी न करें: भले ही आयकर विभाग ने मई से फॉर्म लाइव कर दिए हों, लेकिन यदि आपका टीडीएस कटा है, तो एम्प्लॉयर और बैंकों को टीडीएस रिटर्न फाइल करने के लिए 31 मई तक का समय मिलता है। इसलिए, Softcom Computer Team की सलाह है कि पूर्ण शुद्धता के लिए 15 जून के बाद ही अपनी रिटर्न दाखिल करें, जब आपका AIS और 26AS पूरी तरह अपडेट हो जाए।
सारे बैंक खाते घोषित करें: कई लोग सोचते हैं कि केवल सैलरी वाले खाते की जानकारी देना काफी है। यह बिल्कुल गलत है। आपके नाम पर जितने भी बचत या चालू खाते हैं (बंद पड़े खातों को छोड़कर), उन सभी को आईटीआर में दर्ज करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
डेटा मिसमैच से बचें: जो राशि आपके AIS/TIS में दिख रही है और जो राशि आप फॉर्म में भर रहे हैं, उन दोनों में अंतर नहीं होना चाहिए। यदि एआईएस में कोई प्रविष्टि गलत है, तो पोर्टल पर जाकर पहले उस पर फीडबैक दर्ज करें।
इन सरल चरणों का पालन करके आप बिना किसी बाहरी मदद के स्वयं अपने घर या कार्यालय से सुरक्षित रूप से असेसमेंट ईयर 2026-27 का इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। डिजिटल माध्यमों को अपनाएं, सुरक्षित रहें और देश के विकास में अपना अमूल्य योगदान दें।